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कैलगरी · श्री गणेश
⏱ समय कैलगरी के अनुसार · तिथि व नक्षत्र सम्पूर्ण भारत में समान
⏰ समय कैलगरी के स्थानीय समयानुसार (America/Edmonton)
गणेश चतुर्थी का प्रथम दिन — श्री गणेश की मूर्ति को विधिवत स्थापित कर प्राण प्रतिष्ठा की जाती है। षोडशोपचार (16 उपचार) से पूजा होती है। मोदक और दूर्वा घास अर्पित किए जाते हैं।
दूसरे दिन से प्रतिदिन प्रातः और सायंकाल गणेश जी की आरती की जाती है। प्रतिदिन नए मोदक या मिठाई का भोग लगाया जाता है। भजन-कीर्तन और गणेश स्तुति का पाठ होता है।
कुछ परिवार पाँचवें दिन गणेश विसर्जन करते हैं। उत्तर भारत में यह प्रचलित है। विसर्जन से पहले अंतिम आरती और पूजा की जाती है।
सातवें दिन का विसर्जन भी प्रचलित है, विशेषकर सार्वजनिक गणेशोत्सव में। भव्य शोभायात्रा, ढोल-ताशे और नृत्य के साथ विसर्जन होता है।
गणेशोत्सव का अंतिम दिन — दसवें दिन भव्यतम विसर्जन होता है। "गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या" के जयघोष के साथ लाखों मूर्तियों का विसर्जन किया जाता है। यह भारत के सबसे भव्य जुलूसों में से एक है।