रंग वार (दिन) के अनुसार तय होते हैं, इसलिए हर साल बदलते हैं। समय नई दिल्ली के अनुसार।
नवरात्रि का महत्व
नवरात्रि वर्ष में मुख्यतः दो बार मनाई जाती है — चैत्र नवरात्रि (वसंत में) और शारदीय नवरात्रि (शरद ऋतु में)। इन नौ रातों में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है।
शारदीय नवरात्रि 2026 — आपके प्रश्न
शारदीय नवरात्रि 2026 कब से कब तक है?
शारदीय नवरात्रि 2026 रविवार, 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 (महा नवमी) तक है। दशहरा मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को है।
घटस्थापना (कलश स्थापना) का शुभ मुहूर्त क्या है?
रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को घटस्थापना मुहूर्त सुबह 6:19 से 10:11 तक है। यह समय चूक जाए तो अभिजित मुहूर्त (सुबह 11:44 से दोपहर 12:30 तक) में कलश स्थापना करें।
दुर्गा अष्टमी कब है?
दुर्गा अष्टमी (महागौरी पूजा) सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को है। इस बार अष्टमी और महा नवमी एक ही दिन हैं, क्योंकि अष्टमी तिथि सुबह ही समाप्त होकर नवमी शुरू हो जाती है।
महा नवमी कब है?
महा नवमी (सिद्धिदात्री पूजा) सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को है।
संधि पूजा का समय क्या है?
संधि पूजा 19 अक्टूबर को सुबह 10:29 से 11:17 तक है — अष्टमी के अंतिम 24 मिनट और नवमी के पहले 24 मिनट। यही वह क्षण है जब माँ चामुंडा ने चंड-मुंड का वध किया था।
पंडालों में माँ के पट कब खुलेंगे?
महा सप्तमी शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को नवपत्रिका (कोलाबोउ) पूजा के साथ पंडालों में माँ की प्रतिमा के पट खुलते हैं और दर्शन शुरू होते हैं।
दशहरा 2026 कब है? विजय मुहूर्त और रावण दहन का समय?
दशहरा (विजयादशमी) मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को है। विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 से 2:44 तक, अपराजिता व शस्त्र पूजा (अपराह्न) दोपहर 1:13 से 3:30 तक। रावण दहन सूर्यास्त (शाम 5:46) के बाद होता है।
इस बार माँ दुर्गा किस वाहन पर आ रही हैं?
नवरात्रि रविवार से शुरू होने के कारण माँ हाथी पर आ रही हैं (संकेत: अच्छी वर्षा, सुख-समृद्धि)। विजयादशमी मंगलवार को होने से माँ की विदाई चरणायुध पर होगी (संकेत: विकलता, बेचैनी)। (देवी भागवत: "शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे। गुरौ शुक्रे च दोलायां बुधे नौका प्रकीर्तिता॥")
नवरात्रि 2026 के 9 रंग कौन से हैं?
11 अक्टूबर — नारंगी, 12 अक्टूबर — सफ़ेद, 13 अक्टूबर — लाल, 14 अक्टूबर — रॉयल ब्लू, 15 अक्टूबर — पीला, 16 अक्टूबर — हरा, 17 अक्टूबर — स्लेटी, 18 अक्टूबर — बैंगनी, 19 अक्टूबर — मोरपंखी हरा। रंग वार (दिन) के अनुसार तय होते हैं, इसलिए हर साल बदलते हैं।
17 अक्टूबर की तिथि (सप्तमी) अगले सूर्योदय तक भी रहती है, इसलिए 18 अक्टूबर को कोई नई देवी नहीं है। इस दिन कालरात्रि की पूजा जारी रखें और नित्य पूजा-पाठ करें।
कन्या पूजन कब करें?
कन्या पूजन अष्टमी या नवमी को किया जाता है — इस बार दोनों सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को हैं। 2 से 10 वर्ष की नौ कन्याओं और एक बालक (लंगूर) को भोजन कराएँ।
नवरात्रि व्रत का पारण कब करें?
नवरात्रि व्रत का पारण मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को, दशमी तिथि में, पूजा के बाद करें।
नवरात्रि के 9 दिनों में किन देवियों की पूजा होती है?
नवरात्रि में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों (नवदुर्गा) की पूजा होती है — शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री।