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हनुमान चालीसा, दुर्गा चालीसा और अधिक
"चालीसा" शब्द हिंदी के चालीस (40) से बना है — यह देवता की महिमा में रचित ठीक 40 चौपाइयों का भक्ति-काव्य है। सर्वाधिक प्रसिद्ध है सोलहवीं सदी में गोस्वामी तुलसीदास रचित हनुमान चालीसा, जो आज भारत का सर्वाधिक पठित भक्ति-ग्रंथ है।
प्रत्येक चालीसा एक आह्वान दोहे से आरम्भ होती है, फिर 40 चौपाइयाँ (चार पंक्तियों के छंद) आती हैं और अंत में एक आशीर्वचन दोहे पर समाप्त होती है। भाषा प्रायः अवधी या ब्रजभाषा होती है — हिंदी की लयात्मक बोलियाँ।
शास्त्रों के अनुसार प्रातःकाल या संध्याकाल चालीसा का पाठ करने से विघ्न-निवारण, मनोकामना-पूर्ति और देवता की विशेष कृपा प्राप्त होती है। हनुमान चालीसा का नित्य पाठ भय, रोग और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करता है।
हनुमान चालीसा, शिव चालीसा, गणेश चालीसा, दुर्गा चालीसा, लक्ष्मी चालीसा और सरस्वती चालीसा — ये भारत में सर्वाधिक पठित और गाई जाने वाली चालीसाएँ हैं।