देवा हो देवा गणपति देवा।
तुम्हीं हो सबके स्वामी, तुम्हें नमन सेवा॥
देवा हो देवा गणपति देवा।
◆
लाल रंग के लड्डू चढ़ाएँ, धूप दीप जलाएँ।
मोदक प्रिय गणराज का, नित्य भजन गाएँ॥
देवा हो देवा गणपति देवा।
तुम्हीं हो सबके स्वामी, तुम्हें नमन सेवा॥
◆
गणेश चतुर्थी के दिन, भव्य पंडाल सजाएँ।
दस दिन तक पूजा करके, अनंत में विसर्जन जाएँ॥
देवा हो देवा गणपति देवा।
तुम्हीं हो सबके स्वामी, तुम्हें नमन सेवा॥
◆
बप्पा मोरया रे, गणपति बप्पा मोरया।
अगले बरस तू जल्दी आ, गणपति बप्पा मोरया॥
देवा हो देवा गणपति देवा।
तुम्हीं हो सबके स्वामी, तुम्हें नमन सेवा॥
◆
विद्या बुद्धि के दाता हो, विघ्न हरने वाले।
शुभ कार्य में सदा प्रथम, मंगल करने वाले॥
देवा हो देवा गणपति देवा।
तुम्हीं हो सबके स्वामी, तुम्हें नमन सेवा॥
❀
देवा हो देवा गणपति देवा के बारे में
“देवा हो देवा गणपति देवा” गणेश को समर्पित एक लोकप्रिय भजन है। नीचे इसके पूर्ण बोल शुद्ध हिंदी में दिए गए हैं। इसे भजन-कीर्तन, पूजा या नित्य स्मरण में गा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
देवा हो देवा गणपति देवा के बोल कहाँ पढ़ें?
देवा हो देवा गणपति देवा के पूर्ण बोल इसी पृष्ठ पर शुद्ध हिंदी में निःशुल्क उपलब्ध हैं। आप इन्हें ऑनलाइन पढ़ सकते हैं और भजन-कीर्तन में गा सकते हैं।
देवा हो देवा गणपति देवा किस देवता को समर्पित है?
यह भजन भगवान गणेश को समर्पित है और उनकी भक्ति व स्तुति में गाया जाता है।
देवा हो देवा गणपति देवा कब गाया जाता है?
इसे प्रातः या संध्या पूजा, आरती, भजन-कीर्तन के दौरान अथवा नित्य स्मरण के रूप में किसी भी समय गाया जा सकता है।