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लंदन · श्री राम
राम नवमी चैत्र शुक्ल नवमी को मनाई जाती है — नवरात्रि के अंतिम दिन। यह भगवान श्रीराम (भगवान विष्णु के सातवें अवतार) का जन्मोत्सव है। राम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहते हैं — श्रेष्ठ पुरुष जो सदैव मर्यादा में रहे।
अयोध्या के राजा दशरथ के कोई पुत्र नहीं था। उन्होंने पुत्रेष्टि यज्ञ कराया। यज्ञ से प्राप्त खीर उनकी तीनों पत्नियों ने ग्रहण की। चैत्र नवमी को पुनर्वसु नक्षत्र और कर्क लग्न में दोपहर के समय महारानी कौशल्या के गर्भ से भगवान राम का जन्म हुआ। उनके तीन भाई भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न भी उसी दिन जन्मे।
राम ने एकपत्नी व्रत, पितृभक्ति, राजधर्म और मित्रधर्म — सभी का अनुपालन किया। उन्होंने वनवास स्वीकार किया, शबरी के जूठे बेर खाए, निषादराज को गले लगाया और वानरों की सेना से मित्रता कर अधर्म का नाश किया। रामराज्य आज भी आदर्श शासन का प्रतीक है।
मंदिरों में राम-जन्मोत्सव, पालना झुलाना, रामायण-पाठ, भजन-कीर्तन और शोभायात्रा होती है। अयोध्या में सरयू-तट पर विशाल समारोह होता है। नवमी तिथि को दोपहर में भगवान राम के जन्म के समय "सूर्य तिलक" (सूर्य की किरण से रामलला का अभिषेक) किया जाता है।
⏱ समय लंदन के अनुसार · तिथि व नक्षत्र सम्पूर्ण भारत में समान
⏰ समय लंदन के स्थानीय समयानुसार (Europe/London)
राम नवमी भगवान श्री राम का जन्मोत्सव है। चैत्र शुक्ल नवमी को राम जी का जन्म हुआ था। इस दिन व्रत रखा जाता है और रामायण का पाठ किया जाता है। मंदिरों में भव्य शोभायात्रा निकलती है।