जय माता दी, जय माता दी।
सब जग में तेरी महिमा न्यारी, जय माता दी॥
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नौ रूपों में दुर्गा माता, नवरात्रि में आती।
भक्तों के कष्ट सब हरती, मंगल कर जाती॥
जय माता दी, जय माता दी।
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शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी, चंद्रघण्टा माँ।
कूष्माण्डा स्कंदमाता, कात्यायनी माँ॥
जय माता दी, जय माता दी।
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कालरात्रि महागौरी, सिद्धिदात्री माँ।
नौ देवियाँ नौ शक्तियाँ, दुर्गा की छाँव माँ॥
जय माता दी, जय माता दी।
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शेर पर सवार होकर, माता आती हैं।
दुर्गा माँ की जय जयकार, सब मिल गाती हैं॥
जय माता दी, जय माता दी।
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तेरे दरबार में जो आए, खाली न जाए।
माता रानी की कृपा से, सब सुख पाए॥
जय माता दी, जय माता दी।
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जय माता दी के बारे में
“जय माता दी” दुर्गा को समर्पित एक लोकप्रिय भजन है। नीचे इसके पूर्ण बोल शुद्ध हिंदी में दिए गए हैं। इसे भजन-कीर्तन, पूजा या नित्य स्मरण में गा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जय माता दी के बोल कहाँ पढ़ें?
जय माता दी के पूर्ण बोल इसी पृष्ठ पर शुद्ध हिंदी में निःशुल्क उपलब्ध हैं। आप इन्हें ऑनलाइन पढ़ सकते हैं और भजन-कीर्तन में गा सकते हैं।
जय माता दी किस देवता को समर्पित है?
यह भजन भगवान दुर्गा को समर्पित है और उनकी भक्ति व स्तुति में गाया जाता है।
जय माता दी कब गाया जाता है?
इसे प्रातः या संध्या पूजा, आरती, भजन-कीर्तन के दौरान अथवा नित्य स्मरण के रूप में किसी भी समय गाया जा सकता है।