जय माता वैष्णो देवी, जय माता दी।
कत्रा में विराजे माता, जय माता दी॥
◆
त्रिकुटा पर्वत पर माता, गुफा में बसती।
भक्तों की पुकार सुनकर, कृपा बरसती॥
जय माता वैष्णो देवी, जय माता दी।
कत्रा में विराजे माता, जय माता दी॥
◆
महाकाली महालक्ष्मी, महासरस्वती।
तीनों शक्ति वैष्णो माँ, जग की जननी॥
जय माता वैष्णो देवी, जय माता दी।
कत्रा में विराजे माता, जय माता दी॥
◆
नवरात्रि के दिनों में, भक्त कतारें लगाते।
माता के दर्शन पाकर, जीवन धन्य हो जाते॥
जय माता वैष्णो देवी, जय माता दी।
कत्रा में विराजे माता, जय माता दी॥
◆
जो कोई माँ का नाम ले, दिल की बात कहे।
वैष्णो माँ की कृपा से, जीवन खुशहाल रहे॥
जय माता वैष्णो देवी, जय माता दी।
कत्रा में विराजे माता, जय माता दी॥
❀
जय माता वैष्णो देवी के बारे में
“जय माता वैष्णो देवी” दुर्गा को समर्पित एक लोकप्रिय भजन है। नीचे इसके पूर्ण बोल शुद्ध हिंदी में दिए गए हैं। इसे भजन-कीर्तन, पूजा या नित्य स्मरण में गा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जय माता वैष्णो देवी के बोल कहाँ पढ़ें?
जय माता वैष्णो देवी के पूर्ण बोल इसी पृष्ठ पर शुद्ध हिंदी में निःशुल्क उपलब्ध हैं। आप इन्हें ऑनलाइन पढ़ सकते हैं और भजन-कीर्तन में गा सकते हैं।
जय माता वैष्णो देवी किस देवता को समर्पित है?
यह भजन भगवान दुर्गा को समर्पित है और उनकी भक्ति व स्तुति में गाया जाता है।
जय माता वैष्णो देवी कब गाया जाता है?
इसे प्रातः या संध्या पूजा, आरती, भजन-कीर्तन के दौरान अथवा नित्य स्मरण के रूप में किसी भी समय गाया जा सकता है।