एक बार आओ ना श्याम, देखूँ तेरे नैन।
बिन तेरे मेरा जीवन, चैन नहीं चैन॥
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वृन्दावन में खेलते, राधा संग रास।
बाँसुरी की धुन से, तड़पे यह उदास॥
एक बार आओ ना श्याम, देखूँ तेरे नैन।
बिन तेरे मेरा जीवन, चैन नहीं चैन॥
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मुरलीधर के दर्शन को, आँखें तरसती।
प्रेम की प्यास लेकर, राह देखती॥
एक बार आओ ना श्याम, देखूँ तेरे नैन।
बिन तेरे मेरा जीवन, चैन नहीं चैन॥
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यमुना के किनारे पर, कान्हा खड़े हों।
मोरपंख का मुकुट सज, नयन मिले मुझसे हों॥
एक बार आओ ना श्याम, देखूँ तेरे नैन।
बिन तेरे मेरा जीवन, चैन नहीं चैन॥
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गोकुल के गोपाल हो, मेरे मन के राम।
एक बार दर्शन दे दो, पूरे हों मेरे काम॥
एक बार आओ ना श्याम, देखूँ तेरे नैन।
बिन तेरे मेरा जीवन, चैन नहीं चैन॥
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एक बार आओ ना श्याम के बारे में
“एक बार आओ ना श्याम” कृष्ण को समर्पित एक लोकप्रिय भजन है। नीचे इसके पूर्ण बोल शुद्ध हिंदी में दिए गए हैं। इसे भजन-कीर्तन, पूजा या नित्य स्मरण में गा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एक बार आओ ना श्याम के बोल कहाँ पढ़ें?
एक बार आओ ना श्याम के पूर्ण बोल इसी पृष्ठ पर शुद्ध हिंदी में निःशुल्क उपलब्ध हैं। आप इन्हें ऑनलाइन पढ़ सकते हैं और भजन-कीर्तन में गा सकते हैं।
एक बार आओ ना श्याम किस देवता को समर्पित है?
यह भजन भगवान कृष्ण को समर्पित है और उनकी भक्ति व स्तुति में गाया जाता है।
एक बार आओ ना श्याम कब गाया जाता है?
इसे प्रातः या संध्या पूजा, आरती, भजन-कीर्तन के दौरान अथवा नित्य स्मरण के रूप में किसी भी समय गाया जा सकता है।