मन तड़पत हरि दर्शन को आज।
कर लो कृपा श्याम सुंदर साज॥
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नयन प्यासे नंद के लाला।
देखन को चाहत दीन दयाला॥
मन तड़पत हरि दर्शन को आज।
कर लो कृपा श्याम सुंदर साज॥
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वृन्दावन के गलियन में, राधा के साथ।
बाँसुरी बजाते, श्याम सुंदर नाथ॥
मन तड़पत हरि दर्शन को आज।
कर लो कृपा श्याम सुंदर साज॥
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प्रेम दीवानी मीरा पुकारे।
गोपी मन मुरलीधर को चाहे॥
मन तड़पत हरि दर्शन को आज।
कर लो कृपा श्याम सुंदर साज॥
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गिरिधर गोपाल आओ अब द्वार।
प्रेम से भर दो जीवन साकार॥
मन तड़पत हरि दर्शन को आज।
कर लो कृपा श्याम सुंदर साज॥
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मन तड़पत हरि दर्शन को आज के बारे में
“मन तड़पत हरि दर्शन को आज” कृष्ण को समर्पित एक लोकप्रिय भजन है। नीचे इसके पूर्ण बोल शुद्ध हिंदी में दिए गए हैं। इसे भजन-कीर्तन, पूजा या नित्य स्मरण में गा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मन तड़पत हरि दर्शन को आज के बोल कहाँ पढ़ें?
मन तड़पत हरि दर्शन को आज के पूर्ण बोल इसी पृष्ठ पर शुद्ध हिंदी में निःशुल्क उपलब्ध हैं। आप इन्हें ऑनलाइन पढ़ सकते हैं और भजन-कीर्तन में गा सकते हैं।
मन तड़पत हरि दर्शन को आज किस देवता को समर्पित है?
यह भजन भगवान कृष्ण को समर्पित है और उनकी भक्ति व स्तुति में गाया जाता है।
मन तड़पत हरि दर्शन को आज कब गाया जाता है?
इसे प्रातः या संध्या पूजा, आरती, भजन-कीर्तन के दौरान अथवा नित्य स्मरण के रूप में किसी भी समय गाया जा सकता है।