ॐ जय सूर्य भगवान, स्वामी जय सूर्य भगवान।
चौदह रतन उगलते, करते कल्याण॥
ॐ जय सूर्य भगवान।
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सात अश्वों पर बैठे, रश्मियाँ बिछाते।
प्रातःकाल के स्वामी, अज्ञान को मिटाते॥
ॐ जय सूर्य भगवान।
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अदिति के पुत्र देव, कश्यप के नंदन।
जन-जन के हृदय में, करते आनंदन॥
ॐ जय सूर्य भगवान।
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द्वादश रूप धरे हो, माह-माह बदले।
सृष्टि के पालनहार, जग तम को हरले॥
ॐ जय सूर्य भगवान।
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अर्घ्य दो प्रातःकाल, भव से मुक्ति पाएँ।
सूर्य नमस्कार से, निरोग तन बनाएँ॥
ॐ जय सूर्य भगवान।
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ॐ जय सूर्य भगवान, स्वामी जय सूर्य भगवान।
भक्त जनों की रक्षा, करते कल्याण॥
ॐ जय सूर्य भगवान।
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ॐ जय सूर्य भगवान के बारे में
“ॐ जय सूर्य भगवान” सूर्य की एक प्रिय आरती है, जिसे दीप जलाकर प्रातः एवं संध्या पूजा में गाया जाता है। नीचे इसके पूर्ण 6 पद शुद्ध हिंदी और रोमन (अंग्रेज़ी) लिप्यंतरण में दिए गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ॐ जय सूर्य भगवान के बोल कहाँ पढ़ें?
ॐ जय सूर्य भगवान के पूर्ण बोल इसी पृष्ठ पर शुद्ध हिंदी में निःशुल्क उपलब्ध हैं। आप इन्हें ऑनलाइन पढ़ सकते हैं और आरती के समय गा सकते हैं।
ॐ जय सूर्य भगवान किस देवता की आरती है?
यह आरती भगवान सूर्य को समर्पित है और उनकी पूजा-अर्चना के समापन पर गाई जाती है।
ॐ जय सूर्य भगवान कब और कैसे की जाती है?
आरती प्रातः या संध्या पूजा के अंत में की जाती है — घी या तेल का दीप जलाकर, उसे देवता के सम्मुख घुमाते हुए यह आरती गाई जाती है।
क्या ॐ जय सूर्य भगवान रोमन (अंग्रेज़ी) में उपलब्ध है?
हाँ, इस पृष्ठ पर ॐ जय सूर्य भगवान के बोल हिंदी के साथ-साथ रोमन लिप्यंतरण में भी दिए गए हैं, ताकि देवनागरी न पढ़ पाने वाले भी इसे गा सकें।