“लिङ्गाष्टकम्” शिव को समर्पित एक लोकप्रिय भजन है। नीचे इसके पूर्ण बोल शुद्ध हिंदी में दिए गए हैं — साथ ही रोमन (अंग्रेज़ी) लिप्यंतरण भी। इसे भजन-कीर्तन, पूजा या नित्य स्मरण में गा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लिङ्गाष्टकम् के बोल कहाँ पढ़ें?
लिङ्गाष्टकम् के पूर्ण बोल इसी पृष्ठ पर शुद्ध हिंदी में निःशुल्क उपलब्ध हैं। आप इन्हें ऑनलाइन पढ़ सकते हैं और भजन-कीर्तन में गा सकते हैं।
लिङ्गाष्टकम् किस देवता को समर्पित है?
यह भजन भगवान शिव को समर्पित है और उनकी भक्ति व स्तुति में गाया जाता है।
क्या लिङ्गाष्टकम् रोमन (अंग्रेज़ी) में उपलब्ध है?
हाँ, इस पृष्ठ पर लिङ्गाष्टकम् के बोल हिंदी के साथ-साथ रोमन लिप्यंतरण में भी दिए गए हैं, ताकि हिंदी न पढ़ पाने वाले भी इसे गा सकें।
लिङ्गाष्टकम् कब गाया जाता है?
इसे प्रातः या संध्या पूजा, आरती, भजन-कीर्तन के दौरान अथवा नित्य स्मरण के रूप में किसी भी समय गाया जा सकता है।