ॐ
भक्तिमाला ऐप
🔔 रिमाइंडर · 🪔 आरती · 📿 पंचांग
कबीर कहते हैं कि ईश्वर को पाने के लिए जंगल में भटकने की आवश्यकता नहीं; घर में रहते हुए ही विरक्त भाव (अनासक्ति) रखो। जो भी प्रभु मिलना है, वह यहीं गृहस्थ जीवन में रहकर मिल जाएगा। यह दोहा सांसारिक जीवन में रहते हुए भी भक्ति-साधना संभव होने का संदेश देता है।