ॐ
भक्तिमाला ऐप
🔔 रिमाइंडर · 🪔 आरती · 📿 पंचांग
कबीर कहते हैं कि यह जीवन रूपी नाव जर्जर है और (अयोग्य) खेवनहार भी दोषपूर्ण है। जो मन से हलके (मोह-रहित) थे, वे सहज ही पार उतर गए, परंतु जिनके मन पर मोह-अहंकार का भारी बोझ था, वे डूब गए। यह दोहा मन को हलका (निर्मोही) रखकर भवसागर पार करने की सीख देता है।