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मुम्बई · श्री पार्वती-शिव
भाद्रपद शुक्ल तृतीया को मनाई जाने वाली हरतालिका तीज में सुहागिन स्त्रियाँ निर्जला व्रत रखती हैं। रेत या काली मिट्टी से शिव-पार्वती की मूर्ति बनाकर विधिवत पूजा की जाती है। रात भर जागरण कर कथा सुनी जाती है। यह व्रत सौभाग्य और अखण्ड सुहाग का प्रतीक है।
⏱ समय मुम्बई के अनुसार · तिथि व नक्षत्र सम्पूर्ण भारत में समान
हरतालिका तीज भाद्रपद शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है। 'हरत' और 'आलिका' — मान्यता है कि पार्वती जी की सखियां उन्हें वन में ले गईं, जहां उन्होंने शिव को पाने के लिए कठोर तप किया। सुहागिन और कुंवारी कन्याएं निर्जला व्रत रखती हैं और रात्रि जागरण करती हैं।