डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के बारे में
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (1931–2015), "मिसाइल मैन ऑफ इंडिया", ने देश के अंतरिक्ष और मिसाइल कार्यक्रमों का नेतृत्व किया और 2002–2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति रहे। जीवन के अंतिम वर्ष उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद में बिताए — उनके अधिकतर प्रसिद्ध विचार उन्हीं से कहे गए।
1. सपने वो नहीं हैं जो आप नींद में देखते हैं। सपने वो हैं जो आपको नींद नहीं आने देते।
2. अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो, तो पहले सूरज की तरह जलना होगा।
3. इंसान को कठिनाइयों की जरूरत होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये जरूरी हैं।
4. अपनी पहली जीत के बाद आराम मत करो, क्योंकि अगर दूसरी बार असफल हुए तो बहुत लोग यह कहने के लिए इंतजार कर रहे हैं कि पहली जीत सिर्फ किस्मत थी।
5. जब हम बाधाओं का सामना करते हैं, तो हमें अपने साहस और शक्ति की खोज होती है।
6. युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनना चाहिए।
7. शिखर तक पहुँचने के लिए ताकत चाहिए, चाहे वो माउंट एवरेस्ट का शिखर हो या आपके पेशे का।
8. हमें हार नहीं माननी चाहिए और हमें समस्याओं को खुद को हराने नहीं देना चाहिए।
9. छोटा लक्ष्य रखना सबसे बड़ा अपराध है।
यहाँ केवल वही विचार दिए गए हैं जिनका स्रोत डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तक पहुँचता है। उनके नाम से प्रचलित कई उद्धरण किसी और के हैं — वे जानबूझकर शामिल नहीं किए गए।