जया एकादशी की कथा का रस पाकर अर्जुन ने कहा — हे पुण्डरीकाक्ष! फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी का क्या नाम है और इसके व्रत का क्या विधान है? विस्तार से बताने की कृपा करें।
श्रीकृष्ण बोले — हे अर्जुन! फाल्गुन कृष्ण पक्ष की इस एकादशी का नाम है — विजया एकादशी। इसके व्रत के प्रभाव से मनुष्य को विजयश्री की प्राप्ति होती है और इसके श्रवण-वाचन से सभी पापों का अंत होता है।
एक बार देवर्षि नारद ने ब्रह्माजी से पूछा — हे पिताश्री! विजया एकादशी का व्रत और उसकी विधि बताने की कृपा करें।
ब्रह्माजी बोले — हे पुत्र! यह एकादशी पूर्व और वर्तमान के सभी पापों का नाश करनेवाली है। इसका विधान मैंने आज तक किसी से नहीं कहा, पर तुम्हें बताता हूँ। विजया नाम की यह एकादशी व्रत करनेवाले सभी को विजय प्रदान करती है। अब श्रद्धा से कथा सुनो।